Haryana : हरियाणा की सड़कों की बदलेगी सूरत, 5508 करोड़ की लागत से 6608 KM लंबी सड़कें होंगी चकाचक
मंत्री रणबीर गंगवा ने विभाग के रोडमैप को साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त और सुरक्षित बनाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है ।

Haryana : हरियाणा के लोक निर्माण (PWD) एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा है कि प्रदेश सरकार केवल आज की जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए मॉडल सड़कों और रोड सेफ्टी ऑडिट पर काम कर रही है । पंचकूला के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में ‘सड़क सुरक्षा माह (जनवरी 2026)’ के तहत आयोजित “सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा” कार्यक्रम में उन्होंने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की । (Haryana Roads)
सड़कों का चौड़ीकरण और सुधारीकरण (लक्ष्य 2027)
मंत्री रणबीर गंगवा ने विभाग के रोडमैप को साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त और सुरक्षित बनाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है । उन्होंने बताया कि वर्क प्रोग्राम 2025-26 के तहत 5508 करोड़ रुपये की लागत से 6608 किमी लंबी (2324 सड़कें) सड़कों की मरम्मत की मंजूरी दी गई है । (Expressways)
प्रदेश में 3500 किमी सड़कों को 12 फुट से बढ़ाकर 18 फुट किया जा रहा है। इसमें से 1275 किमी का कार्य इसी वर्ष और शेष 2225 किमी का लक्ष्य मार्च 2027 तक रखा गया है । वर्ष 2025-26 में 50 किमी और 2026-27 में 110 किमी मॉडल सड़कों के निर्माण का लक्ष्य है । (National Highway)
धुंध और ब्लैक स्पॉट पर विशेष ध्यान
कैबिनेट मंत्री ने बैठक में बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने ठोस कदम उठाए हैं । धुंध के समय हादसों को रोकने के लिए पिछले साल 3500 किमी और इस साल 2300 किमी सड़कों पर सफेद पट्टियां लगाई गई हैं । मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने क्षेत्रों में दुर्घटना संभावित ‘ब्लैक स्पॉट’ चिह्नित कर उनका तुरंत निवारण करें । बच्चों की सुरक्षा हेतु स्कूलों के पास संकेतक, रोड मार्किंग और चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं ।

कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की सड़कें गुणवत्ता, सुरक्षा और भरोसे का ब्रांड बनें, यही हमारा उद्देश्य है। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। ‘म्हारे सड़क ऐप’ और प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना
भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी कार्यप्रणाली के लिए मुख्यमंत्री ने ‘म्हारे सड़क ऐप’ लॉन्च किया है, जिससे जनता सीधे सड़कों की स्थिति की रिपोर्ट कर सकती है। इसके अलावा, प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना 2025-26 के तहत 4827 करोड़ रुपये की लागत से 9410 किमी लंबी सड़कों का कायाकल्प किया जा रहा है।
गुणवत्ता पर जीरो टॉलरेंस
गंगवा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। विभाग नियमित रूप से लैब टेस्ट और सैंपल जांच करेगा। यदि किसी भी एजेंसी या ठेकेदार के काम में खामी पाई गई, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी । इस कार्यक्रम में विभाग के मुख्य अभियंता, अधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता (XEN), एसडीओ, जेई और विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।










